नेशनल कैपिटल रीजन यानी NCR में यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास रियल एस्टेट बाजार में बीते पांच वर्षों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट Square Yards के मुताबिक, इस दौरान अपार्टमेंट की औसत कीमतें करीब तीन गुना तक बढ़ गई हैं। इस तेजी के पीछे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, खासकर नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर एयरपोर्ट) को प्रमुख कारण माना जा रहा है। स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट ‘रनवे टू रियल्टी: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कैसे रियल्टी को नया आकार दे रहा है’ के अनुसार, 2020 से 2025 के बीच यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में प्रॉपर्टी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
किसकी कीमत कितनी बढ़ी
- अपार्टमेंट की कीमतें करीब 3 गुना बढ़ीं
- प्लॉट की कीमतों में औसतन 1.5 गुना वृद्धि
- कुछ माइक्रो-मार्केट्स में कीमतें 5 गुना तक पहुंचीं
यह तेजी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के चलते निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाती है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बदली तस्वीर
रिपोर्ट के मुताबिक, प्लॉट की कीमतों में तेजी मुख्य रूप से निवेशकों की सक्रियता के कारण आई, जबकि अपार्टमेंट की कीमतों में लगातार और स्थिर बढ़ोतरी देखी गई, जो एंड-यूजर डिमांड का संकेत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द ही जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने वाले हैं। इसे NCR के लिए एक बड़े ग्लोबल गेटवे और भविष्य के आर्थिक हब के रूप में देखा जा रहा है।
आगे की चाल: ग्रोथ रहेगी, रफ्तार धीमी
रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि 2026-27 के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहेगी, लेकिन इसकी रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है। प्लॉट की कीमतों में करीब 28% तक बढ़ोतरी संभव है। अपार्टमेंट की कीमतों में करीब 22% वृद्धि का अनुमान है। बाजार के परिपक्व होने के साथ प्लॉट सेगमेंट में सीमित ग्रोथ और अपार्टमेंट में स्थिर मांग देखने को मिल सकती है।
मौजूदा और संभावित कीमतें
2025 में अपार्टमेंट की औसत कीमत: ₹9,600 प्रति वर्ग फुट
प्लॉट की औसत कीमत: ₹2,500 प्रति वर्ग फुट
2027 तक अनुमानित दरें:
फ्लैट: ₹11,800 प्रति वर्ग फुट
प्लॉट: ₹3,200 प्रति वर्ग फुट
(नोट: ये औसत कीमतें हैं, प्रीमियम लोकेशन में कीमतें इससे काफी ज्यादा हो सकती हैं।)
नोएडा रियल एस्टेट का नया दौर
Square Yards के संस्थापक और CEO तनुज शोरी के अनुसार, नोएडा का रियल एस्टेट बाजार इस समय एक अहम बदलाव के दौर में है, जहां स्थानीय विकास के साथ वैश्विक महत्वाकांक्षाएं जुड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास वर्ल्ड-क्लास ‘एयरोट्रोपोलिस’ का विकास हो रहा है, जिससे हाउसिंग डिमांड, कीमतों और निवेश गतिविधियों पर लंबे समय तक बड़ा असर पड़ेगा।